☪ *_आज देशभर में मनाई जा रही है ईद-ए-मिलाद-उन-नबी_*
*_Seemanchalkhabar _*
आज ईद-ए-मिलाद-उन-नबी यानी ईद-ए-मिलाद है. मान्यता है कि इस दिन पैगंबर हजरत मोहम्मद का जन्म हुआ था. उन्हें इस्लाम धर्म का संस्थापक माना जाता है. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार इस्लाम के तीसरे महीने रबी-अल-अव्वल की 12वीं तारीख, 571 ईं. के दिन ही मोहम्मद साहेब जन्मे थे.
📍 *_कौन थे पैगंबर हजरत मोहम्मद?_*
वह इस्लाम के सबसे महान नबी और आखिरी पैगंबर थे. उनका जन्म मक्का शहर में हुआ. इनके पिता का नाम अब्दुल्लाह और माता का नाम बीबी अमिना था. उन्होंने इस्लाम धर्म की पवित्र किताब कुरान की शिक्षाओं का उपदेश दिया. उनकी मृत्यु 632 ई. में हुई. उन्हें मदीना में ही दफनाया गया.
🕌 *_क्यों मनाते हैं ईद-ए-मिलाद-उन-नबी?_*
मुसलमान पैगंबर हजरत मोहम्मद के जन्म की खुशी में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी मनाते हैं. इस दिन रात भर प्रार्थनाएं चलती हैं. जुलूस निकाले जाते हैं. सुन्नी मुसलमान इस दिन हजरत मोहम्मद के पवित्र वचनों पढ़ते हैं और याद करते हैं. वहीं, शिया मुसलमान मोहम्मद को अपना उत्तराधिकारी मानते हैं.
🌙 *_कैसे मनाते हैं ईद-ए-मिलाद-उन-नबी?_*
पैगंबर हजरत मोहम्मद के जन्मदिवस के अवसर पर घरों और मस्ज़िदों को सजाया जाता है. नमाज़ों और संदेशों को पढ़ने के साथ-साथ गरीबों को दान दिया जाता है. उन्हें खाना खिलाया जाता है. जो लोग मस्जिद नहीं जा पाते वो घर में कुरान को पढ़ते हैं.
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आज ईद-ए-मिलाद-उन-नबी यानी ईद-ए-मिलाद है. मान्यता है कि इस दिन पैगंबर हजरत मोहम्मद का जन्म हुआ था. उन्हें इस्लाम धर्म का संस्थापक माना जाता है. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार इस्लाम के तीसरे महीने रबी-अल-अव्वल की 12वीं तारीख, 571 ईं. के दिन ही मोहम्मद साहेब जन्मे थे.
📍 *_कौन थे पैगंबर हजरत मोहम्मद?_*
वह इस्लाम के सबसे महान नबी और आखिरी पैगंबर थे. उनका जन्म मक्का शहर में हुआ. इनके पिता का नाम अब्दुल्लाह और माता का नाम बीबी अमिना था. उन्होंने इस्लाम धर्म की पवित्र किताब कुरान की शिक्षाओं का उपदेश दिया. उनकी मृत्यु 632 ई. में हुई. उन्हें मदीना में ही दफनाया गया.
🕌 *_क्यों मनाते हैं ईद-ए-मिलाद-उन-नबी?_*
मुसलमान पैगंबर हजरत मोहम्मद के जन्म की खुशी में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी मनाते हैं. इस दिन रात भर प्रार्थनाएं चलती हैं. जुलूस निकाले जाते हैं. सुन्नी मुसलमान इस दिन हजरत मोहम्मद के पवित्र वचनों पढ़ते हैं और याद करते हैं. वहीं, शिया मुसलमान मोहम्मद को अपना उत्तराधिकारी मानते हैं.
🌙 *_कैसे मनाते हैं ईद-ए-मिलाद-उन-नबी?_*
पैगंबर हजरत मोहम्मद के जन्मदिवस के अवसर पर घरों और मस्ज़िदों को सजाया जाता है. नमाज़ों और संदेशों को पढ़ने के साथ-साथ गरीबों को दान दिया जाता है. उन्हें खाना खिलाया जाता है. जो लोग मस्जिद नहीं जा पाते वो घर में कुरान को पढ़ते हैं.

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